वर्ल्ड ऑफ़ साईं ग्रुप में आपका हार्दिक स्वागत है । श्री साईं जी के ब्लॉग में आने के लिए आपका कोटि कोटि धन्यवाद । श्री साईं जी की कृपा आप सब पर सदैव बनी रहे ।

शिर्डी के साँई बाबा जी के दर्शनों का सीधा प्रसारण... अधिक जानने के लियें पूरा पेज अवश्य देखें

शिर्डी से सीधा प्रसारण ,... "श्री साँई बाबा संस्थान, शिर्डी " ... के सौजन्य से... सीधे प्रसारण का समय ... प्रात: काल 4:00 बजे से रात्री 11:15 बजे तक ... सीधे प्रसारण का इस ब्लॉग पर प्रसारण केवल उन्ही साँई भक्तो को ध्यान में रख कर किया जा रहा है जो किसी कारणवश बाबा जी के दर्शन नहीं कर पाते है और वह भक्त उससे अछूता भी नहीं रहना चाहते,... हम इसे अपने ब्लॉग पर किसी व्यव्सायिक मकसद से प्रदर्शित नहीं कर रहे है। ...ॐ साँई राम जी...

Wednesday, 9 April 2014

सब तों पहलां बनिए इंसान !!

ॐ साईं राम


कोई अरदास करे सवेरे शाम !! कोई जपदा हर वेले तेरा नाम  !! 
तू नानक ऐ  तू पीर ऐ !! तू अल्लाह तू महावीर ऐ  !!
कोई वाहेगुरु कोई राम-राम आखे !! कोई भोला ते कोई  श्याम आखे  !!
कोई पाठ रखावे !! कोई जगराता करावे  !!
कोई रख के वर्त मनौंदा ऐ  !! कोई नंगे पैरीं चल के औंदा ऐ  !!
कोई जाप सिमरन कोई आरती करे !! कोई शब्द श्लोक कोई नमाज़ पढ़े !!
सारे जग विच इक ही  नूर ऐ !! तू हर बन्दे विच जरूर ऐ  !


सारे धर्म ने इक सामान  !!
हिन्दू मुस्लिम तां बाद दिया गलां
सब तों पहलां  बनिए इंसान  !!
सब तों पहलां बनिए इंसान  !!


Tuesday, 8 April 2014

मेरे सांई....मेरी आरज़ू,

ॐ साईं राम



मेरे सांई....मेरा प्यार,
मेरे सांई....मेरी मुस्कराहट,
मेरे सांई....मेरी उम्मीद,
मेरे सांई....मेरी आरज़ू,
मेरे सांई....मेरे सपने,
मेरे सांई....मेरी रोशनी ...मेरे सांई....मेरी हंसी भी तुमसे,
मेरे सांई....मेरी खुशी भी तुम से,
मेरे सांई....मेरे सुख भी तुम,
मेरे सांई....मेरे दुख में भी तुम,
बस तुम ही तुम.....मेरे सांई....

Monday, 7 April 2014

इतनी कृपा करदे ओ "साईं" ......

ॐ सांई राम

साईं की याद में मैंने,
एक दीप जला रखा है.
अपनी साँसों के तेल से,
रोशन किया रखा है.
मैं तो हूँ मेजबान,
उनके रहमो करम का
उन्हें तो अपने दिल का,
मेहमान बना रखा है.



इतनी कृपा करदे ओ "साईं"
तेरे चरणों में जीवन बिताए
हम रहे इस जगत में कही भी
तेरी चोखट को ना भूल पाए
इतने कमजोर है हम ऐ "मैया"
जोर कुछ भी चले ना हमारा
ऐसी हालत में इतना तो सोचो
हमको कैसे मिलेगा किनारा
करदे ऐसा जतन ओ "साईं"
तेरी किरपा का वरदान पाए
प्रेम बंधन में यु हमको बांधो
डोर बंधन की टूटे कभी ना
अपनी पायल का घुंघरू बना लो
दास चरणों से छूटे कभी ना
अपने चरणों से ऐसे लगालो
तेरे चरणों का गुणगान गाये
इतनी कृपा करदे ओ "साईं"
तेरे चरणों में जीवन बिताए
हम रहे इस जगत में कही भी
तेरी चोखट को ना भूल पाए !
जो जन करे रक्त दान
पावे सुख शांति और मान
साईं सवारे उसका जीवन
जिसके रक्त से बच जावे जान

Sunday, 6 April 2014

"सबका मालिक एक है"

ॐ सांई राम

 

 रंग अलग है रूप 
अलग है ,भाव सब में एक है
घाट अलग है ,लहरे अलग है,
जल तो सब में एक है ||
काले गोरे पीले तन में,
खून का रंग तो एक है ,
प्रेम की भाषा अलग अलग है,
प्रेम तो सब में एक है ||
 पेड,पोधे अलग अलग है,
तत्व तो सब में एक है
मताए सबकी अलग अलग है,
ममता तो सब एक है ||
 गाव, शहर, देश सबके अलग अलग है,
पर घरती तो एक है ,
गाय अलग अलग रंगों की है,
दूध का रंग तो एक है ||
खाना सबका अलग अलग है,
पर भूख सबकी एक है,
वेशभूषा सबकी अलग अलग है,
जीवन सबका एक है ||
 सोच सबकी अलग अलग है,
पर ज्ञान सबमे एक है ,
सब करते साईं का शुकराना,
अलग अलग तरीके से,
जिसने हमें ये समझाया की
"सबका मालिक एक है"

Saturday, 5 April 2014

तेरे दर पर आने के काबिल नहीं हूँ |

ॐ साईं राम

तेरी मेहरबानी का है  बोझ इतना, अभी मैं उठाने के काबिल नहीं  हूँ |
मैं आ तो गया हूँ मगर जानता हूँ,  तेरे दर पर आने के काबिल नहीं हूँ |
ज़माने की चाहत में ख़ुद को मिटाया,  तेरा नाम हरगिज़ ज़ुबां पे न लाया |
 गुन्हागार हूँ मैं ख़तावार हूँ मैं, तुम्हें मुंह दिखाने के काबिल नहीं  हूँ |


तुम पर ज़ोर नहीं कोई मेरा हम पर ज़ोर तुम्हारा है
जीवन डोरी हाथ है तेरे तू ही नचावन वाला है 
करो ऐसी मेहर जपु आठों पहर मेरे साईं 
दया बस कर देना साईं तुम्हारे खाते में नाम हमारा लिख लेना॥

Friday, 4 April 2014

उद्धार करो अब मेरा साँई ...

ॐ साईं राम
 


 मेरे हृदय में तुम वास करो कभी दूर न मुझसे जाना 

यह तन मन अपना सौंप तुम्हे अपना आदर्श है माना 

ज्ञान का दर्शन फैलाओ मन के मंदिर में सवेरा 

उद्धार करो अब मेरा उद्धार करो अब मेरा

तेरे रूप का वर्णन करना जियो सूरज को दीप दिखाना 

इन शुभ चरणों के सिवा नहीं जग में कोई और ठिकाना 

मुझे अपने चरणों में रख लो रहूँ बन के दास मैं तेरा 

उद्धार करो अब मेरा उद्धार करो अब मेरा

Thursday, 3 April 2014

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 21

ॐ सांई राम
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आप सभी को वर्ल्ड ऑफ साँई ग्रुप की ओर से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं
हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है 
हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा
किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है



श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 21

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श्री. व्ही. एच. ठाकुर, अनंतराव पाटणकर और पंढ़रपुर के वकील की कथाएँ
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Wednesday, 2 April 2014

साईं राम जी हर प्राणी में वास करते है ...

ॐ सांई राम

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एक गांव मे एक मंदिर मे एक पुजारी था और बो बड़े नियम से भगवान की पूजा करता था और उसको या गांव वालो को कोई भी परेशानी होती थी तो बो कहता था धैर्य रखो भगवान सब ठीक कर देगा और सचमुच परेशानिया ठीक हो जाती थी .......एक बार गांव मे बहुत जोर की बाढ़ आ गयी और सब डूबने लगा तो लोग पुजारी के पास गए तो उसने कहा की धैर्य रखो सब ठीक हो जायेगा मैं भगवान की इतनी पूजा करता हूँ सब ठीक हो जायेगा ,लेकिन पानी बढ़ने लगा और गांव वाले भागने लगे और पुजारी से बोले की अब तो पानी मंदिर मे भी आने लगा हें आप भी निकल चलो यहाँ से लेकिन पुजारी ने फिर बही कहा की मैं इतनी पूजा करता हूँ तो मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा तुम लोग जाओ मैं नहीं जाऊँगा.....फिर कुछ दिनों मे पानी और बढ़ा और मंदिर मे घुस गया तो पुजारी मंदिर पर चढ गया ...फिर उधर से एक नाव आई और उसमे कुछ बुजुर्ग लोगो ने पुजारी से कहा की सब लोग भाग गए हें और यह आखिरी नाव हें आप भी आ जाओ इसमें क्योकि पानी और बढ़ेगा ऐसा सरकार का कहना हें नहीं तो आप डूब जाओगे तो पुजारी ने फिर कहा की मेरा कुछ नहीं होगा क्योकि मैने इतनी पूजा करी हें जिंदगी भर तो भगवान मेरी मदद करेगे और फिर बो नाव भी चली गयी ......कुछ दिनों मे और पानी और बढ़ा तो पुजारी मंदिर मे सबसे ऊपर लटक गया और पानी जब उसकी नाक तक आ गया तो बो त्रिशूल पर लटक गया और भगवान की प्रार्थना करने लगा की भगवान बचाओ मैने आपकी बहुत पूजा की हें तो कुछ देर मे एक सेना का हेलिकॉप्टर आ गया और उसमे से सैनिको ने लटक कर हाथ बढ़ाया और कहा की हाथ पकड़ लो किन्तु फिर बो पुजारी उनसे बोला की मैने जिंदगी भर भगवान की पूजा करी हें मेरा कुछ नहीं होगा और उसने किसी तरह हाथ नहीं पकड़ा और परेशान होकर सैनिक चले गए ...फिर थोड़ी देर मे पानी और बढ़ा और उसकी नाक मे घुस गया और पुजारी मर गया.......


मरने के बाद पुजारी स्वर्ग मे गया और जैसे ही उसे भगवान जी दिखे तो बो चिल्लाने लगा की जिंदगी भर मैने इतनी इमानदारी से आप लोगो की पूजा करी फिर भी आप लोगो ने मेरी मदद नहीं की ...तो भगवान जी बोले की अरे पुजारी जी जब पहली बार जो लोग आप से चलने को कह रहे थे तो बो कौन था अरे बो मैं ही तो था ...फिर नाव मे जो बुजुर्ग आप से चलने को कह रहे थे बो कौन था बो मैं ही तो था और फिर बाद मे हेलिकॉप्टर मे जो सैनिक आप को हाथ दे कर कह रहा था बो कौन था बो मैं ही तो था किन्तु आप मुंझे उस रूप मे पहचान ही नहीं पाए तो मैं क्या करू ..... अरे मैं जब किसी मनुष्य की मदद करूँगा तो मनुष्य के रूप मे ही तो करूँगा चाहे बो रूप डॉक्टर का हो या गुरु का हो या किसी अच्छे इंसान का या माँ , बाप भाई या बहन का या दोस्त का लेकिन उस रूप मे आप लोग मुंझे पहचान ही नहीं पाते हो तो मैं क्या करू ..... मेरी बाणी को पहचानने के लिए ध्यान बहुत जरूरी हें और योग भी तभी इंसान मेरी बाणी को इंसान मे भी पहचान जायेगा क्योकि सच्चे आदमियो मे मेरी ही बाणी होती हें

Tuesday, 1 April 2014

मेरा एक साथी है.. बड़ा ही भोला भाला है...

ॐ साईं राम
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मेरा एक साथी हैं
बड़ा ही भोला भाला है 

मिले न कोई उस जैसा
वो सारे जग से निराला है 

जब जब दिल यह उदास होता है 
मेरा शिर्डी वाला मेरे पास होता है 

जब जब मुझ पे कोई संकट आता है 
मेरा साईं बाबा दौड़ा दौड़ा आता है

वो रहमत वाला है 
वो शिर्डी वाला है
पानी से दियें जलाता है
वो सब को भाता है

जब जब कोई रोगी शिर्डी को जाता है
बाबा की उदी से निरोगी हो जाता है

 जब जब दिल यह उदास होता है
मेरा साईं बाबा मेरे पास होता है

हिन्दू को अल्लाह मालिक
मुस्लिम को बोले राम राम 
साठ बरस पत्थर पे बैठ कर
सबके बनायें बिगड़े काम

मेरा एक साथी हैं
बड़ा ही भोला भाला है 

हाथ कमण्डल, कांधे झोली 
सारे जग से मीठी बोली

मिले न कोई उस जैसा
वो सारे जग से निराला है

जब जब दिल यह उदास होता है 
मेरा शिर्डी वाला मेरे पास होता है 

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एक 18 साल का लड़का ट्रेन में खिड़की के पास वाली सीट पर बैठा था. अचानक वो ख़ुशी में जोर से चिल्लाया "पिताजी, वो देखो, पेड़ पीछे जा रहा हैं". उसके पिता ने स्नेह से उसके सर पर हाँथ फिराया. वो लड़का फिर चिल्लाया "पिताजी वो देखो, आसमान में बादल भी ट्रेन के साथ साथ चल रहे हैं". पिता की आँखों से आंसू निकल गए. पास बैठा आदमी ये सब देख रहा था. उसने कहा इतना बड़ा होने के बाद भी आपका लड़का बच्चो जैसी हरकते कर रहा हैं. आप इसको किसी अच्छे डॉक्टर से क्यों नहीं दिखाते?? पिता ने कहा की वो लोग डॉक्टर के पास से ही आ रहे हैं. मेरा बेटा जनम से अँधा था, आज ही उसको नयी आँखे मिली हैं. #नेत्रदान करे. किसी की जिंदगी में रौशनी भरे.